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“ जनता का धमाका...और कानून के प्रति प्रेम .”
जनता हर बार धमाका करते हे.......दुनिया में कोई कम हो लोग उस पर अपनी रोटी सकते हे.... चाहे पुलिस का मामला हो ...या जाती विवाद ..या ...कोई चोरी हो या विवाद .....या देश की बात हो ....या विदेश की............कोई भी मुदा हो उस में जनता हमेशा ..धमाका करती हे.......................... उसे भड़काते हे ये राज नेता जा हम चुनते हे...................... लोगो की सोच ऐसी हो चुकी हे की जेसे की मुर्दा घरो में लाश पड़ी होती हे ! .उसी तरह लोगो की सोच भी हो चुकी हे.............................................................. 1 ..पुलिस..:-....... हम सभी पुलिस को गलत मानते हे और उन्हें कोसते रहते ह की पुलिस कुछ नही कर सकती ! वो तो अपना जेब भरने में लगती हे ! लापरवाह हे ! रिश्वत खोर हे.....पेसो से बिकती हे................................... हम कुछ न कुछ तो कमी निकलते रहते हे हम ........और कहते हे की में होता तो सभ ठीक कर देता ...और सो कहते हे की हमने अच्छा कम किया हे .......................................... ...
Ek Najar
EK Najar Najar har insan ki alg- 2 hoti …………………………….? Najar ko smjne ka bhi trika hota h…………………………….? Exmpal : - 1.Ek ladka or ladki sath me h ……………….to logo ki soch wo giralfirend hogi ya premika hogi ya randbaj hogi ya chalbaj hogi ya bahan hogi ………………? 2.Ek garib ladka kisi ke kam krta h or chori ho jati h ………………………to logo ki soch chori lake ne chori ki h ya harmi h ye hi h ya inki fidrt yahi ya inko to gar me nhi rhana chaiye ……………………….? 3. ydi koi sak ho jata h…………………………to logo ki soch mujhe pahle se lga rha tha ya is ki skal hi yesi h ya juth bol rha h ya isne hi kiya ……………………………………? Yese sawal bahut se h jo logo ki socho ko bayan krta h …na ki hum rok skte h ………………………..! Muje pata nhi ki me sahi hu ya galt ……….me manta hu ki soch galt or sahi hot lekin ki...

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